गुजरात के सूरत शहर में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जो बॉलीवुड की किसी थ्रिलर फिल्म का प्लॉट लगता है, लेकिन ये पूरी तरह सच्ची घटना है। मोटा वराछा इलाके का रहने वाला 36 वर्षीय जिग्नेश तलाविया (जो पेशे से अकाउंटेंट है) ने ऑप्शन ट्रेडिंग में 50-60 लाख रुपये का भारी नुकसान उठाने के बाद पैसे जुटाने के लिए खुद का अपहरण का फर्जी नाटक रच डाला।
12 मई 2026 को जिग्नेश अपनी पत्नी मिनाक्षीबेन के मोबाइल पर खुद ही अपहरणकर्ता बनकर हिंदी में धमकी भरा मैसेज भेजा। मैसेज में साफ-साफ लिखा था:
“50 लाख रुपये दो, नहीं तो लाश मिलेगी। पुलिस को बताना या बैंक अकाउंट बंद करना तो भूल ही जाओ, वरना जान से हाथ धो बैठोगे।”
सिर्फ मैसेज ही नहीं, उसने फिल्मी स्टाइल में खुद को रस्सियों से बंधा हुआ दिखाते हुए एक वीडियो भी पत्नी को भेज दिया। वीडियो में वो बंधक की तरह दिख रहा था, ताकि पूरा मामला बिल्कुल असली लगे। पत्नी घबराकर उत्राण थाना पुलिस स्टेशन पहुंची और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
सूरत पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में उत्राण पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया। CCTV फुटेज, ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी सर्विलांस (मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग) की मदद से टीम ने आरोपी को ट्रेस कर लिया। मात्र कुछ दिनों में जिग्नेश को पंचमहल जिले के गोधरा स्थित शिव होटल से सुरक्षित पकड़ लिया गया।
पुलिस पूछताछ में जिग्नेश ने कबूल किया कि ऑप्शन ट्रेडिंग में हुए भारी घाटे को पूरा करने के लिए उसने ये सारा ड्रामा रचा था। उसका मकसद परिवार से 50 लाख रुपये ऐंठना था।
पुलिस ने क्या कहा?
उत्राण पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और त्वरित सफलता हासिल की। आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ये मामला दिखाता है कि आर्थिक तंगी और लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी क्षमता ने एक बार फिर साबित किया कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, पकड़े बिना नहीं रह सकता।