तिल्दा-नेवरा। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के सिमगा ब्लॉक के ग्राम नेवधा में चारागाह के लिए सुरक्षित करीब 27 एकड़ भूमि को उद्योग एवं विद्युत विभाग को दिए जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गांव के पूर्व सरपंच और सचिव पर बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव के एनओसी जारी कराने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की शासकीय भूमि खसरा नंबर 326/01 को तालाब निर्माण, खेल मैदान, पशुओं के शवों के निपटारे तथा चारागाह के लिए सुरक्षित रखा गया था। आरोप है कि पूर्व सरपंच और सचिव ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कराए बिना पटवारी के साथ मिलकर जमीन का नक्शा तैयार कराया और खसरा नंबर 326/30, 326/31 एवं 326/32 के संबंध में एनओसी जारी कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि गांव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे किसी भी स्थिति में उद्योग अथवा विद्युत विभाग को नहीं दिया जाना चाहिए। वर्तमान सरपंच और पंचों ने भी जमीन को सुरक्षित रखने की बात कही है।
मामले को लेकर रायपुर जिला पंचायत सभापति एवं भाजपा नेत्री शैल महेंद्र साहू के नेतृत्व में सिमगा ब्लॉक के जनपद सदस्य अंजू बबलू पटेल, ग्राम सरपंच धुलेंद्र साहू, उपसरपंच दिनेश निषाद, जयसिंह वर्मा सहित पंच प्रेमलता वर्मा, दिलीप वर्मा, राजेश वर्मा और एकांत साहू ने रायपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा और ग्रामीणों की सहमति एवं ग्राम सभा के प्रस्ताव के बिना जारी किए गए एनओसी को निरस्त कर जमीन गांव को वापस दिलाने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
