पटना। BIG NEWS : बिहार के सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोशल मीडिया नीति में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। अब सरकार द्वारा एम्पैनल्ड (सूचीबद्ध) क्रिएटर्स को सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों से जुड़े कंटेंट पर व्यूज के आधार पर आकर्षक भुगतान मिल सकेगा।
कितना मिलेगा पैसा?
संशोधित नियमों के अनुसार:
• 1 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹10,000
• 10 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹1 लाख तक का भुगतान संभव है।
यह राशि वीडियो प्रकाशित होने के 30 दिन बाद के प्रदर्शन के आधार पर दी जाएगी। हालांकि, एक वीडियो के लिए अधिकतम सीमा ₹1 लाख तय की गई है। यानी 10 लाख से ज्यादा व्यूज आने पर भी इस प्रावधान के तहत ₹1 लाख से अधिक नहीं मिलेगा।

शर्तें क्या हैं?
भुगतान हर वायरल वीडियो पर अपने-आप नहीं मिलेगा। इसके लिए:
• क्रिएटर को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के माध्यम से एम्पैनल्ड होना जरूरी है।
• कंटेंट सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों या जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ा होना चाहिए।
• कंटेंट की गुणवत्ता, प्लेटफॉर्म और व्यूज का आधिकारिक सत्यापन सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए।
व्यक्तिगत क्रिएटर्स के साथ-साथ पंजीकृत कंपनियां भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। विस्तृत अधिसूचना जल्द ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी की जाएगी।
फॉलोअर्स की भी होगी जांच
संशोधन में सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनल के फॉलोअर्स की समय-समय पर जांच का प्रावधान भी जोड़ा गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
यह फैसला कैबिनेट की बैठक में मंजूर किए गए 13 प्रस्तावों में शामिल था। सरकार का मकसद सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाना तथा क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना है।