सिलयारी। ग्राम सिलयारी का रेलवे अंडरब्रिज इन दिनों आम राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए बड़ी आफत बन चुका है। अंडरब्रिज के भीतर का नजारा किसी तबेले जैसा नजर आने लगा है, जहां दर्जनों की संख्या में आवारा मवेशी (गाय और सांड) बीच सड़क पर ही आराम फरमाते रहते हैं। अंडरब्रिज घुमावदार होने के कारण सामने से आने वाले वाहन चालकों को ये मवेशी अचानक ही दिखाई देते हैं।
धूल के गुबार से विजिबिलिटी खत्म, दोपहिया वाहन चालक हो रहे हादसों के शिकार
इस मार्ग से दिन-रात भारी वाहनों और बड़ी गाड़ियों की अंधाधुंध आवाजाही लगी रहती. है। इन भारी वाहनों के गुजरने से अंडरब्रिज के बंद दायरे में अत्यधिक धूल उड़ती है, जो वहीं हवा में जमा हो जाती है। धूल के इस गुबार के कारण वाहन चालकों को सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। यही वजह है कि पिछले कुछ समय में कई दोपहिया वाहन चालक अचानक मवेशियों के सामने आ जाने से अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
सैकड़ों स्कूली बच्चों की सुरक्षा दांव पर
इस गंभीर स्थिति का सबसे बुरा असर क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। बच्चे रोजाना इसी अंडरब्रिज से होकर पैदल और साइकिल के जरिए स्कूल आते-जाते हैं। एक तरफ उड़ती धूल के कारण बच्चों को सांस लेने और देखने में तकलीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ भारी वाहनों की तेज रफ्तार और बीच रास्ते में बैठे मवेशियों के चलते हर वक्त किसी बड़ी अप्रिय घटना या हादसे की आशंका बनी रहती है।
समस्या के समाधान की आवश्यकता
स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के पालकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आम जनता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों की मांग है कि इन आवारा मवेशियों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों या गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए। साथ ही, मार्ग पर उड़ती धूल को शांत करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि रोजाना होने वाली इस परेशानी और हादसों पर लगाम लग सके।