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PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेजी से पूरे हो रहे गरीबों के आशियाने

21 Aug 2026 | WEENEWS DESK | 703 views
PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेजी से पूरे हो रहे गरीबों के आशियाने

रायपुर। PM Awas Yojana: गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने आवास निर्माण की रफ्तार में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ महज 10 महीने 4 दिन में 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा कर नया रिकॉर्ड भी बना चुका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की कमान संभालने के अगले ही दिन मंत्रालय में अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में गरीबों के लिए 18 लाख आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था। राज्य शासन अपने इस संकल्प को तेजी से पूरा करने में लगी है।

सरकार इनके साथ ही वनांचलों में पीएम जनमन योजना के 33 हजार 601 और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विशेष परियोजना के तहत 15 हजार अतिरिक्त आवास भी बना रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास ने “आवास प्लस 2.0-2024” के अंतर्गत ऐसे गरीब जिनके आवास कच्चे हैं, उनका सर्वे किया है। उनके लिए भी आवास निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने पहले दिन से ही 18 लाख आवासों के निर्माण के संकल्प को पूरा करने पूरी गंभीरता, सक्रियता और प्रतिबद्धता से काम करना शुरू कर दिया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछली सरकार से विरासत में मिले अपूर्ण मकानों के साथ ही जरूरतमंदों के लिए तेजी से नए आवास स्वीकृत कर युद्ध स्तर पर उन्हें पूरा किया है।

सरकार अपने इस संकल्प को पूरा करने किस रफ्तार से काम कर रही है, इसका प्रमाण है कि पिछले वर्ष (2025 में) अप्रैल से अक्टूबर तक राज्य में प्रतिदिन करीब 2000 आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। अभी भी रोज 1600 मकानों को पूरा किया जा रहा है। देश में छत्तीसगढ़ में रोजाना सबसे अधिक संख्या में प्रधानमंत्री आवासों को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रहे हैं। हमारी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 10 लाख 60 हजार से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण होना इसी संकल्प और जनविश्वास का परिणाम है।

हमारा लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद परिवार के घर के सपने को साकार करना है और इसके लिए सरकार निरंतर संवेदनशीलता और तेज गति से कार्य कर रही है। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है। हम सब मिलकर समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं।”

यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करने की कहानी है। जिन परिवारों ने वर्षों तक कच्चे मकानों, बारिश की परेशानी और असुरक्षित जीवन का सामना किया, उन्हें अब मजबूत छत मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबको पक्का मकान’ की गारंटी को छत्तीसगढ़ सरकार धरातल पर तेजी से उतार रही है। योजना के इस रिकॉर्ड निष्पादन से न केवल बेघर परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में भी बड़ा बदलाव आया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में 7,230 नए आवासों को मंजूरी मिली है। 106 नगरीय निकायों में बनने वाले इन घरों के लिए पात्र हितग्राहियों को ₹2.50 लाख तक की सहायता मिलेगी। हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिले, डबल इंजन सरकार इसी संकल्प को साकार कर रही है।

हर दिन बने 1600 से ज्यादा घर
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्य की रफ्तार लगातार तेज रही। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में औसतन प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण पूरा किया गया। प्रशासनिक निगरानी, पंचायत स्तर पर सक्रियता और लाभार्थियों के साथ बेहतर समन्वय को इस सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

24 लाख से ज्यादा आवासों को मिली मंजूरी
राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में करीब 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हो चुके हैं।

गरीब परिवारों के जीवन में आया बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं, बल्कि परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देना है। पक्का घर मिलने के बाद ग्रामीण परिवारों को बारिश, ठंड और गर्मी से राहत मिल रही है। साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार हो रहा है। योजना के तहत मकान निर्माण के साथ अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ जोड़ा जा रहा है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत मजदूरी सहायता, शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त सहायता और अन्य सुविधाओं से जोड़ा जाता है।

जिलों ने निभाई अहम भूमिका
इस रिकॉर्ड उपलब्धि में प्रदेश के कई जिलों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बिलासपुर, महासमुंद, बलरामपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे जिलों में बड़ी संख्या में आवास निर्माण पूरा किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग, तकनीकी सहायता और निर्माण कार्यों की समीक्षा से योजना को गति मिली।

सुशासन और तेज क्रियान्वयन का उदाहरण छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की। आवास मित्रों और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से निर्माण की प्रगति पर नजर रखी गई। राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर भी योजना की प्रगति और लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

पक्के घर के साथ बदली ग्रामीण तस्वीर
प्रधानमंत्री आवास योजना ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है। अब हजारों परिवारों के पास अपना पक्का आशियाना है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव बन रही है। छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि बताती है कि बेहतर योजना, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से बड़े लक्ष्य भी समय पर पूरे किए जा सकते हैं।

 

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