पेंड्रा।छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में दिनदहाड़े हुई एक जघन्य वारदात ने पुलिस महकमे और कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। कोटमी बाजार में जिस बेखौफ अंदाज में हथियारबंद बदमाशों ने सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ 'पप्पू' की गोली मारकर हत्या की और लाखों के जेवरात लूट लिए, उसने पूरे प्रदेश के व्यापारी वर्ग को झकझोर दिया है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद सराफा कारोबारियों में भारी आक्रोश उबल पड़ा है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि भीड़भाड़ वाले बाजार में सरेआम मौत का खेल खेला गया और पुलिस भनक तक नहीं लगा पाई।

मंगलवार की शाम पेंड्रा-मरवाही मुख्य मार्ग पर स्थित कोटमी का साप्ताहिक बाजार अपने पूरे शबाब पर था। चहल-पहल के बीच किसी ने नहीं सोचा था कि अगले ही पल यहां गोलियों की गूंज सुनाई देगी। एक बाइक पर सवार होकर तीन नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और सीधे सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की दुकान को निशाना बनाया। उनका मकसद साफ था- लूट। जैसे ही बदमाशों ने जेवरातों से भरी पेटी पर हाथ साफ करने की कोशिश की, प्रदीप ने अपनी जान की परवाह किए बिना उनका कड़ा विरोध किया। इसी छीनाझपटी के बीच एक बदमाश ने पिस्टल निकाली और सीधे व्यापारी के सीने में गोली दाग दी। गोली लगते ही प्रदीप वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। खून से लथपथ लाश छोड़ बदमाश लाखों के सोने-चांदी के जेवर से भरी पेटी लेकर हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
इस खौफनाक हत्याकांड की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, पूरे छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों में उबाल आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी तत्काल आईजी के साथ कोटमी घटनास्थल पर जा पहुंचे। वहां के हालात और खून के छींटे देख व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कमल सोनी ने खुले शब्दों में कहा कि भरी बाजार में व्यापारी की इस तरह हत्या कानून-व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। अगर व्यापारी अपनी दुकान में सुरक्षित नहीं है, तो फिर सरकार और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था आखिर किस काम की?
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी मृतक प्रदीप सोनी के शोकाकुल परिजनों से मिलने पहुंचे। ढांढस बंधाते हुए उन्होंने साफ किया कि इस दुख की घड़ी में पूरा सराफा संघ उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए और लूटे गए माल की बरामदगी हो। अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। अगर जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे नहीं हुए और व्यापारियों को पुख्ता सुरक्षा गारंटी नहीं दी गई, तो प्रदेश भर के व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, इस सनसनीखेज वारदात ने पेंड्रा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के व्यापारियों में दहशत भर दी है। कोटमी बाजार में सन्नाटा पसरा है और हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है- आखिर पुलिस का खौफ अपराधियों के जहन से खत्म क्यों हो गया है? अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन कितनी जल्दी इन नकाबपोश कातिलों को ढूंढ निकालती है।