दुर्ग। CG NEWS: जिले के धमधा स्थित रौंदा सेवा सहकारी समिति में धान उपार्जन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच में 560.28 क्विंटल धान और 2103 नए बारदाने कम पाए गए हैं,, शासकीय संपत्ति की इस कथित हेराफेरी की कीमत 15 लाख 8 हजार 161 रुपये आंकी गई है। मामले में समिति प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
संयुक्त जांच दल ने आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान पाया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा 73 हजार 952 दशमलव 80 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। लेकिन अभिलेखों में दर्ज उपलब्ध स्टॉक और मौके पर मौजूद धान में बड़ा अंतर मिला, जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना धमधा में भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर समिति प्रभारी से पूछताछ की गई। जिसमें शासकीय धान और बारदाने की हेराफेरी एवं अनियमितता के तथ्य सामने आने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।