बिलासपुर। आजकल ब्लड प्रेशर शुगर और मोटापे जैसी बीमारियां सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से अपने पैर पसार रही हैं। लोगों की बदलती जीवनशैली और खानपान इसका बड़ा कारण है। इन बीमारियों से ग्रामीणों को बचाने और उन्हें स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करने के लिए बिलासपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय बिलासपुर ने एक अच्छी पहल की है।
बुधवार 3 जून को तखतपुर ब्लॉक के सकर्रा गांव में एक विशेष निशुल्क स्वास्थ्य और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सकर्रा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में लगाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गांव के लोगों तक सीधे स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना और उन्हें आयुर्वेद तथा योग के फायदे बताना था। इस मौके पर डॉक्टरों की एक पूरी टीम अस्पताल से निकलकर सीधे गांव वालों के बीच पहुंची और उन्हें स्वास्थ्य परामर्श दिया।
पूरे दिन चले इस शिविर में गांव के 121 लोग पहुंचे। इन सभी लोगों की निशुल्क जांच की गई और उनकी बीमारियों के अनुसार उन्हें आयुर्वेदिक दवाइयां भी बिल्कुल मुफ्त बांटी गईं। शिविर में आए मरीजों को डॉक्टरों ने बताया कि कैसे छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर वे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।
इस शिविर का मुख्य आकर्षण योग परामर्श का सत्र रहा। योग विशेषज्ञ डॉ श्वेता मार्को (योग चिकित्सक)ने वहां मौजूद ग्रामीणों को योग परामर्श दिया एवं बताया कि आजकल की बीमारियों का सीधा संबंध हमारे रहन सहन से है। उन्होंने मोटापा हाई ब्लड प्रेशर शुगर थायरॉइड कब्ज और गठिया जैसी तकलीफों से जूझ रहे मरीजों को विशेष योगासन और प्राणायाम सिखाए। ग्रामीणों को यह समझाया गया कि अगर वे अपनी दिनचर्या में नियमित योग को शामिल कर लें तो उन्हें बार बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे एक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे।
ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के इस पूरे अभियान में अस्पताल के स्टाफ ने दिन भर पूरी मेहनत की। शिविर के प्रभारी और आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ समीर तिवारी तथा डॉ अजय कुमार सिंह ने मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परामर्श कर दवाओं के सही उपयोग और परहेज की जानकारी भी दी गई।
इस स्वास्थ्य टीम में डॉ घनश्याम (फार्मेकोविजिलेंस).. व आयुर्वेद के इंटर्न छात्र फार्मासिस्ट कुलदीप जांगड़े और वॉर्ड बॉय आत्माराम यादव भी मौजूद रहे। इन सभी ने मरीजों की मदद की और व्यवस्था संभालने में पूरा सहयोग दिया। इस सफल आयोजन के जरिए स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया है कि आयुर्वेद और योग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण बिना किसी खर्च के एक निरोगी और स्वस्थ जीवन शैली अपना सकते हैं।